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कम उम्र में दिखने लगी है ज़्यादा खूबसूरत, पहली ही फिल्म में बनी पॉपुलर एक्ट्रेस

इंडिया में ऐसे कई कलाकार है जिन्होंने हर जगह अपना नाम उज्जवल किया। बॉलीवुड इन्डस्ट्री की एक बात बहुत अच्छी है वह जिस स्टार को जितना उठाती है उतना गिराने में भी कोई कसर नही छोड़ती। किंतु यहां हम बात कर रहे है एक्ट्रेस बनिता संधू की जो कम ऐज में एक पॉपुलर सेलिब्रेटी बन गई।
बनिता को आपने डबल मिंट के लोकप्रिय विज्ञापन में देखा है, जिसमें वह एक अजनबी हसीना से यूं मुलाक़ात हो गई गीत की सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रही। बनिता ने फिल्म अक्टूबर से बॉलीवुड में डेब्यू किया। वह 1998 में पैदा हुई थी, इसलिए वह 21 साल की है।
कम उम्र में बनिता के चेहरे पर खूबसूरती और निखार दिखता है। बनिता ने सफलता से लेकर हर वह चीज हासिल की जिसकी वह हकदार है। बनिता ने हमेशा से ही अपनी अदाकारी से लोगों को खुश किया है।
वरुण धवन के साथ बनिता ने फिल्म अक्टूबर में एक अहम किरदार निभाया। बनिता बहुत लकी है क्योंकि उन्हें वरुण की हीरोइन बनने का मौका मिला। जो अभी बॉलीवुड में हर फिल्म हिट दे रहे है।

जरूरत से ज्यादा गुड़ खाना सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक, हो सकती हैं कई गंभीर समस्याएं

सर्दियों के मौसम में गुड़ खाना सेहत की दृष्टि से बहुत फायदेमंद माना जाता है. गुड़ में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं और यह खाने में भी काफी स्वादिष्ट होता है. गुड़ खाने से ऊर्जा की प्राप्ति होती है और सर्दियों में हमें ठंड से भी बचाव होता है. गुड़ खाने से सेहत संबंधी कई तरह के फायदे होते हैं. लेकिन अगर आप गुड़ का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं तो यह आपके लिए हानिकारक भी हो सकता है. आज हम आपको बताएंगे कि गुड़ का ज्यादा सेवन करने से कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं.


बढ़ सकता है वजन

100 ग्राम गुड़ में 385 कैलोरी होती हैं. जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उनको गुड़ का सेवन बहुत ही कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए. गुड़ खाने से वजन बढ़ता है.

ब्लड शुगर बढ़ने का डर


चीनी की तुलना में गुड़ ज्यादा मीठा और पौष्टिक होता है. अगर आप नियंत्रित मात्रा में गुड़ खाते हैं तो कोई नुकसान नहीं है. लेकिन ज्यादा मात्रा में गुड़ खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है.

अपच की समस्या

अगर आप गुड़ का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको अपच, डायरिया और कब्ज की शिकायत हो सकती है.

नाक से खून निकलने की शिकायत


गुड़ की तासीर गर्म होती है ऐसे में अगर आप ज्यादा गुड़ का सेवन करते हैं तो नकसीर की समस्या भी हो सकती है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में गुड़ का सेवन ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए.

धूप में रहने और तंबाकू खाने से हो सकता है लिप कैंसर, जानें लक्षण

कैंसर एक बहुत ही भयानक बीमारी है. मुंह का कैंसर हो या होठों का कैंसर. होठों के कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के होठों की सुंदरता तो खराब होती ही है. साथ ही उसे खाने पीने और बोलने में भी समस्या होती है. सूरज की किरणों के संपर्क में आने से या ज्यादा तंबाकू खाने की वजह से होठों के कैंसर की बीमारी हो जाती है. इससे मरीज के होठों में घाव होने लगते हैं और होठों की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने रखती है.

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होठों में कैंसर का संक्रमण धीरे-धीरे सभी कोशिकाओं में फैल जाता है और कई बार इस वजह से होठों से खून निकलने लगता है. अगर समय रहते इसके लक्षणों पर ध्यान ना दिया जाए तो इसका इलाज होना असंभव हो जाता है. आज हम आपको होठों के कैंसर के लक्षण बता रहे हैं.

होठों के कैंसर के लक्षण

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होठों में सूजन या दर्द रहना, होठों के आसपास से खून निकलना, होठों के ऊपर सफेद या लाल रंग के निशान पड़ जाना, गले और मुंह में दर्द होना, आवाज में बदलाव होना.

होठों के कैंसर के कारण

ज्यादा तंबाकू या गुटके का सेवन करना, सूर्य की किरणों के संपर्क में ज्यादा समय तक रहना, सिगरेट या हुक्का पीना.

कैसे होती है जांच

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अगर आपके होठों पर घाव हो जाए या आसपास से पस निकलने लगे तो आपको तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. किसी भी तरह का इंफेक्शन होने पर बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाई नहीं लेनी चाहिए.

भीगी मेथी खाने से होते हैं गजब के फायदे, बाल नहीं होते सफेद और शुगर रहता है कंट्रोल

मेथी का इस्तेमाल खाना बनाने में किया जाता है. हर घर में मेथी जरूर उपलब्ध होती है. मेथी एक औषधि भी है. आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. सुबह खाली पेट मेथी के भीगे हुए दाने चबा-चबा कर खाने से और पानी पीने से सेहत संबंधी कई परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है. मेथी में बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. भीगी हुई मेथी खाने से कई तरह की बीमारियों का इलाज हो जाता है.

ब्लड प्रेशर के लिए

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जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उनको सुबह खाली पेट भीगी मेथी खाना बहुत ही फायदेमंद रहता है. ऐसे लोग रात के समय सोया और मेथी को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह और शाम इसका पानी पिए. इससे रक्त संचार सही तरीके से होता है.

वजन घटाने में मददगार

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जिन लोगों का वजन बहुत बढ़ गया है उनको भीगी हुई मेथी का सेवन जरूर करना चाहिए. सुबह के समय मेथी के पानी का सेवन करने से वजन तो कम होता ही है. साथ ही कई तरह की बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाती है.

बवासीर के लिए

बवासीर बहुत ही भयानक बीमारी है. जो लोग इस समस्या से पीड़ित हैं वह मेथी और सोया को रात भर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट पीसकर इसका रस निकालकर पी लें. इससे बवासीर की समस्या में आराम मिलता है.

शुगर रहता है कंट्रोल

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शुगर के मरीजों को मेथी के दाने खाली पेट खाने चाहिए. इससे फायदा होता है. इसके अलावा मेथी का पेस्ट बालों में लगाने से बाल मजबूत होते हैं और जल्दी सफेद भी नहीं होते.

क्या आपको भी खाना खाने के बाद आने लगती है नींद तो ये खबर जरूर पढ़ें

बहुत से लोग खाना खाने के बाद नींद आने की शिकायत करते हैं. जब लोगों को पेट भर खाना मिल जाता है तो उन्हें नींद आती है तो इस समस्या को फूड कोमा कहा जाता है. मेडिकल भाषा में इसे पोस्‍टप्रेंडिअल सोम्‍नोलेंस कहा जाता है. फूड कोमा क्या है और इसके लिए कौन कौन से कारण जिम्मेदार हैं. आइए जानते हैं

क्या है फूड कोमा

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यह ऐसी स्थिति है जब पेट भर खाना मिलने के बाद हमें बहुत थकान और आलस रहता है. ज्यादा खाना खाने के बाद सोने का मन करता है. इस परिस्थिति को ही फूड कोमा कहा जाता है.

कारण

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फूड कोमा को लेकर अलग-अलग थ्योरी है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि खाना खाने के बाद हमारे शरीर में एल ट्रिप्‍टोफैन का स्तर बढ़ जाता है जिससे हमें नींद आने लगती है. जबकि कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि ज्यादा फैट, कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खाने की वजह से हमें नींद आती है. फैट युक्त भोजन करने के बाद दिमाग को कुछ ऐसे संकेत मिलते हैं, जिससे नींद आने लगती है.

फूड कोमा से बचने के उपाय

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अगर आपको भी खाना खाने के बाद नींद आने लगती है या जी मिचला रहा हो तो आप पुदीने की हर्बल टी पिएं. फूड कोमा से निपटने के लिए आप संतुलित भोजन करें. आपको सब्जियों, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट का सेवन करना चाहिए भोजन में फाइबर युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए. कम खाना खाना चाहिए जिससे लंच के बाद आलस को दूर रखने में मदद मिलती है.

अगर आपकी जीभ पर भी हैं दाग-धब्बे तो इन आयुर्वेदिक तरीकों से पाएं छुटकारा

जीभ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. इसकी साफ-सफाई का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है, जितना शरीर के बाकी अंगों का. जीभ ना केवल हमें खाने का स्वाद बताती है, बल्कि यह हमारी सेहत से जुड़ी कई बातों का संकेत देती है. अगर हमारी जीभ ज्यादा लाल रहती है तो इसका अर्थ है कि हमारा पाचन तंत्र खराब है. अगर जीभ पर नीले या काले धब्बे नजर आ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि हमारे बॉडी के ऊतकों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है, जिसमें कई बार काले धब्बे निकल आते हैं. आइए जानते हैं कि कैसे आयुर्वेदिक नुस्खों से जीभ के दाग-धब्बों से छुटकारा पाया जा सकता है.

लहसुन खाएं

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अगर आपकी जीभ पर दाग धब्बे हैं तो आप खाली पेट लहसुन का सेवन करें. लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जिससे इन्फेक्शन खत्म हो जाता है और गले की भी सफाई हो जाती है.

नीम से खत्म करें इन्फेक्शन

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प्राचीन काल में लोग नीम के दातुन का इस्तेमाल करते थे. अगर आपकी जीभ पर दाग-धब्बे हैं तो आप नीम की पत्तियों को पानी में उबालें और गुनगुने पानी से कुल्ला करें. इससे इंफेक्शन दूर होता है और दांत भी स्वस्थ रहते हैं.

अदरक के टुकड़ों का करें इस्तेमाल

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जीभ के दाग धब्बों को हटाने के लिए आप अदरक के टुकड़ो का इस्तेमाल कर सकते हैं. अदरक के टुकड़ो को कुछ मिनटों के लिए जीभ के ऊपर लगाएं. ऐसा दिन में कई बार करने से बहुत फायदा होगा.

दूध में अदरक मिलाकर पीने से दूर होती हैं गंभीर बीमारियां, जाने कब करना चाहिए सेवन

अदरक वाली चाय बहुत ही स्वादिष्ट लगती है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. अदरक औषधीय गुणों से भरपूर है. लेकिन क्या आपने कभी दूध में अदरक मिलाकर सेवन किया है. बता दें कि दूध में अदरक मिलाकर पीने से इसका फायदा कई गुना बढ़ जाता है. अदरक में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल तत्त्व होते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम, फ्लू जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है. अदरक में दूध मिलाकर पीने से कई सारे फायदे होते हैं, जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

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अदरक का दूध बनाने की विधि

आप सबसे पहले दूध को गर्म कर लें. दूध गर्म हो जाए तो उसमें अदरक के टुकड़े डालें और थोड़ी देर उबलने दें. फिर दूध को छान लें. आप चाहें तो अदरक को कूटकर या पीसकर भी डाल सकते हैं. गुनगुने दूध का सेवन करने से बहुत फायदा होता है.

बढ़ती है पाचन शक्ति

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अदरक वाला दूध पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है जिससे भोजन आसानी से पच जाता है और पेट दर्द, कब्ज, एसिडिटी, गैस समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है.

बढ़ती है इम्यूनिटी

कई बार लोगों को सर्दी-जुखाम, बुखार आदि की समस्या हो जाती है. लेकिन अगर हमारी इम्यूनिटी मजबूत होती है तो हम इन समस्याओं से बच सकते हैं. अदरक वाला दूध पीने से हमारी इम्यूनिटी मजबूत होती है और हम जल्दी-जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं.

गठिया की छुट्टी

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दूध कैल्शियम और पोटेशियम से भरपूर होता है. दूध से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है. अदरक में एंटीइन्फ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं जिससे हड्डियों की सूजन कम होती है और गठिया के रोगियों को आराम मिलता है.

भुनी हुईं लहसुन की कलियां नहीं हैं रामबाण औषधि से कम, खाली पेट खाने से होते हैं ये फायदे

लहसुन का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में होता है. लहसुन का तड़का लगाने से खाने का स्वाद बढ़ जाता है. लेकिन लहसुन सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. कुछ लोग कच्चा लहसुन खाना भी पसंद करते हैं. जबकि कुछ लोग भुने हुए लहसुन को खाते हैं. आयुर्वेद में लहसुन को औषधि का दर्जा दिया गया है. अगर आप लहसुन की भुनी हुई कली खाते हैं तो इससे कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है. शरीर में कैंसर की कोशिकाओं का निर्माण नहीं होता और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल रहता है. आज हम आपको भुने हुए लहसुन खाने के फायदे बता रहे हैं.

24 घंटे में होता है असर


एक रिसर्च के मुताबिक, भुने हुए लहसुन खाने के ठीक एक घंटे बाद ही यह पच जाता है और अपना पौष्टिक प्रभाव देना आरंभ कर देता है. अगले 2 से 4 घंटों में इसके एंटी ऑक्सीडेंट तत्व हमारे शरीर में एब्जार्ब होने लगते हैं. 4 से 6 घंटे बाद लहसुन हमारे मेटाबॉलिज्म पर काम करता है. यह एक्स्ट्रा फैट को बर्न करता है और संक्रमण खत्म करने का काम भी करता है.

दिल को होता है फायदा


भुना हुआ लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है. इससे हृदय संबंधी बीमारियां भी दूर रहती हैं और हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता.

विषैले तत्वों को करे दूर

भुना हुआ लहसुन खाने से हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं. साथ ही हड्डियां मजबूत होती हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल रहता है.

वजन कम करे


भुना हुआ लहसुन खाने से फैट बर्न होता है जिससे हमारा वजन कम होता है और हमारा मोटापा कम होने लगता है.

क्या आपके दांतों में भी होती है झनझनाहट, जानें कारण और बचाव के उपाय

कुछ ठंडा या गर्म खाने पर दांतों में झनझनाहट महसूस होने लगती है. कई बार खट्टा या मीठा खाने पर भी दांतों में झनझनाहट होती है तो इसे सेंसटिविटी कहा जाता है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ दांत कमजोर होने लगते हैं. इसके अलावा गलत खानपान की वजह से दांतों से संबंधित परेशानियां होने लगती है. दांतों में कैविटी मसूड़ों से खून आना और सेंसटिविटी जैसी परेशानियां बहुत परेशान करती हैं. दांतों में सेंसटिविटी तब होती है, जब दांतो की कोटिंग घिस जाती है. यह दातों का सुरक्षा कवर होता है जो दातों को कठोर चीजों से सुरक्षा प्रदान करती है.

मसूड़ों में ढीलापन


अगर मसूड़ों में ढीलापन हो जाता है तो दांतो के जोड़ खुल जाते हैं जिससे दांतों में सेंसटिविटी होने लगती है. कई बार कैविटी की वजह से दांतो की सड़न नसों तक पहुंच जाती है जिससे दांत कमजोर होकर टूटने लगते हैं.

काले तिल चबाएं

दांतो के लिए काले तिल चबाना बहुत ही फायदेमंद होता है. दिन में दो बार एक-एक चम्मच काले तिल चबाकर खाने से सेंसटिविटी की समस्या में आराम मिलता है.

नारियल तेल


आप अपने मुंह में वर्जिन नारियल तेल को 15-20 मिनट तक रखें और फिर कुल्ला कर लें. ऐसा करने से भी सेंसटिविटी की समस्या में आराम मिलता है.

दही

एक कटोरी दही हर रोज खाने से दांतो की झनझनाहट की समस्या से बचाव रहता है.

नमक और सरसों का तेल


नमक और सरसों के तेल से मसाज करने से दांतों की कई समस्याएं दूर होती हैं. इससे कैविटी और मसूड़ों में सूजन आने की समस्या को भी दूर किया जा सकता है.

सीने में होने वाला दर्द हर बार नहीं होता हार्टअटैक

क्या कभी आपको क्या कभी आपको सीने में कसम दर्द महसूस हुआ है. ऐसा माना जाता है कि बाएं तरफ सीने में दर्द होना कार्डियक अरेस्ट की वजह से होता है. लेकिन यह हार्ट अटैक का लक्षण भी हो सकता है. कार्डियोवैस्कुलर अटैक जैसे कि बहुत तेज दर्द होना, दवाब महसूस होना या अचानक कमजोरी महसूस हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. हालांकि कई बार लोग सीने में होने वाले दर्द को हार्टअटैक समझ लेते हैं. जबकि ऐसा नहीं होता है. हार्ट अटैक के लक्षण पहले से ही नजर आ जाते हैं.

हार्टबर्न


एसीडिटी का बहुत ही गंभीर रूप है हार्टबर्न, जिसमें आप को हार्टअटैक जैसा महसूस होता है. एसिडिटी सेहत के लिए बहुत हानिकारक है. इसकी प्रमुख वजह है अपच, जिससे सीने में दर्द होने लगता है. यह कोई कार्डियक बीमारी नहीं है. आप कुछ घरेलू उपाय करके इस से बच सकते हैं.

सीने में दर्द


कई बार सीने में दर्द होने पर व्यक्ति को इमरजेंसी में अस्पताल ले जाया जाता है. यह लक्षण कार्डियक अरेस्ट जैसे दिखते हैं. लेकिन ईसीजी रिपोर्ट में ब्लॉकेज का कोई लक्षण नजर नहीं आता. इस परिस्थिति को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है.

एक तरफ की पसलियों में दर्द


अगर आपको पसलियों के आसपास तेज दर्द होता है तो यह भी हार्टअटैक का लक्षण हो सकता है. आप अगर चर्म रोग से पीड़ित है जिसमें शरीर में चिकन पॉक्स वाला वायरस फैल जाता है तो इस वजह से भी पसलियों में दर्द होने लगता है.

खाली पेट खाएं शहद में भीगा हुआ आंवला, घटेगा कफ और होंगे कई गजब के फायदे


आंवला और शहद सेहत की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है. आयुर्वेद में विस्तार से आंवला और शहद के गुणों का वर्णन किया गया है. आपने भी अपनी दादी-नानी से आंवला और शहद के गुणों के बारे में जाना होगा. शहद और आंवले का मिश्रण तैयार करके इनका एक साथ सेवन करने से इनका फायदा दोगुना हो जाता है. आम भाषा में इस मिश्रण को मुरब्बा भी कहा जाता है. लोग इसे खाना भी बहुत पसंद करते हैं. खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. आज हम आपको शहद और आंवले का एक साथ सेवन करने से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं.

बालों को मजबूत बनाए


शहद और आंवले का मिश्रण एक साथ खाने से बालों को पोषण मिलता है. इससे बाल सुंदर, मुलायम और घने होते हैं. साथ ही बालों का झड़ना भी बंद हो जाता है.

बढ़ाए रोग प्रतिरोधक क्षमता


अगर आप आंवले और शहद का सेवन करते हैं तो इससे हमारी इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे हम बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूत होते हैं और हमें बीमारियां नहीं होती.

पाचन तंत्र होता है दुरुस्त

आंवला और शहद का एक साथ सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है जिससे भूख बढ़ने लगती है. साथ ही कब्ज और बवासीर की समस्या से भी राहत मिलती है.

लिवर को बनाए मजबूत


शहद में भीगा आंवला खाने से लिवर भी स्वस्थ होता है और पीलिया रोगियों के लिए तो यह बहुत फायदेमंद होता है. इससे हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और हमारा लीवर सही तरह से काम करने लगता है.

हर रोज खाली पेट चबाएं करीपत्ते, होंगे गजब के फायदे

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करी पत्ते का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही भारत में किया जा रहा है. इसके इस्तेमाल से खाने का स्वाद और खुशबू दोनों ही बढ़ जाते हैं. करी पत्ता ना केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि यह सेहत की दृष्टि से भी बहुत लाभकारी है. करी पत्ते को आयुर्वेद में औषधि का दर्जा दिया गया है. यह शुगर कंट्रोल करने से लेकर वजन कंट्रोल करने में भी मदद करता है. खाली पेट गुनगुने पानी के साथ करी पत्ते का सेवन करने से कई गजब के फायदे होते हैं.

पाचन क्रिया होती है बेहतर

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करीपत्तों में कार्मिनेटिव गुण पाए जाते हैं जिससे आपकी पाचन क्रिया मजबूत होती है. आपको पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस आदि से छुटकारा मिलता है. करी पत्ते एंटीबैक्टीरियल गुणों से युक्त होते हैं.

त्वचा संक्रमण से छुट्टी

करी पत्ता में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह आपकी त्वचा से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करने में मददगार है.

बढ़ाए आंखों की रोशनी

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करी पत्ते में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. विटामिन ए की कमी से रतौंधी रोग हो जाता है. अगर आप खाली पेट करी पत्ता खाते हैं तो इससे आंखों की रोशनी बहुत मजबूत होती है.

बालों की ग्रोथ बढ़ाए

अगर आप करी पत्ते का सेवन करते हैं तो इससे बालों को पोषण मिलता है. बाल जल्दी सफेद नहीं होते और झड़ना भी कम हो जाते हैं.

वजन घटाने में मददगार

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खाली पेट करी पत्ता का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है. आप पानी में 10-20 करीपत्तों को उबाल लें और ठंडा होने के बाद नींबू और शहद मिलाकर पी लें.

खाना खाने के बाद लें सूखे आंवले की फाकी, दूर हो जाएगा बड़े से बड़ा रोग

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आंवला विटामिन सी का प्रमुख स्रोत माना जाता है. यह स्वाद में खट्टा होता है. आंवले का सेवन कई तरह से किया जाता है. कुछ लोग आंवले का अचार पसंद करते हैं तो कुछ लोगों को आंवले का जूस और मुरब्बा आदि भी पसंद आते हैं. आंवले में विटामिन सी के अलावा कैल्शियम, आयरन जैसे तत्व भी भरपूर पाए मात्रा में पाए जाते हैं. आंवले का सेवन करने से बाल मजबूत और घने होते हैं. साथ ही हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है. अगर आप खाना खाने के बाद सूखे आंवले की फाकी लेते हैं तो इससे सेहत संबंधी कई तरह के फायदे होते हैं.

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बॉडी को करे डिटॉक्स

सूखा आंवला खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है और कैलोरीज कम होती है. इससे यूरिक एसिड बनने लगता है और विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं. इससे हमारे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और हमारी मांसपेशियां मजबूत होती हैं.

बदहजमी को करे दूर

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कई बार तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने की वजह से पेट में गैस और बदहजमी होने लगती है. ऐसे में आप खाना खाने के बाद दो-तीन सूखे आंवले के टुकड़े का सेवन करें. इससे गैस की समस्या दूर हो जाती है.

बढ़ाए आंखों की रोशनी

अगर आपको आंखों से जुड़ी कोई परेशानी है या मोतियाबिंद की समस्या है तो आप सूखे आंवले की फांकी मारे. ऐसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है और अन्य समस्याएं भी दूर हो जाती हैं.

बालों के लिए फायदेमंद

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आप अक्सर बालों में फेस पैक लगाती होंगी जिसमें आंवले का इस्तेमाल भी किया जाता है. इससे बाल मजबूत और घने हो जाते हैं. अगर आप सूखे आंवले की फांकी मारते हैं तो इससे बाल मजबूत होते हैं.

इस वेडिंग सीजन दावतों का मजा उठाते समय रखें इन बातों का ध्यान

शादियों का सीजन चल रहा है. ऐसे में अगर आपको भी शादी में जाना पड़े तो वहां दावत खानी ही पड़ती है. ना चाहते हुए भी आपको वह सब चीजें खानी पड़ती है, जो आपके पेट को खराब कर सकती है. साथ ही आपका वजन भी बढ़ा सकती हैं. दावतों में लोग कई बार जमकर खाना खा लेते हैं और बाद में उन्हें बहुत परेशानी होती है. दावतों में 50 तरह के फूड आइटम होते हैं और यह हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं.

हल्का खाएं और हेल्दी रहें


अगर शादी की पार्टी में आप हेल्दी रहना चाहती हैं तो पार्टी में ज्यादा ना खाएं. आप कुछ हल्के पकवान खाएं और स्वस्थ रहें. सूप और फल अच्छा विकल्प हो सकते हैं.

पार्टी से पहले भूखे ना रहे


कई बार देखा गया है कि पुरुष और महिलाएं सुबह से भूखे रहते हैं और पार्टी में बहुत ज्यादा भोजन कर लेते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी ना करें. अगर आप एक बार में बहुत ज्यादा भोजन खाते हैं तो यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है और आपकी सेहत बिगड़ सकती है.

ऑयली खाना खाने से बचें


पार्टी में ज्यादातर चीजें ऑयली ही होती है, ऐसे में आपको तला-भुना भोजन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह भोजन आपकी सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है. इससे आपका मोटापा बढ़ सकता है. यह खाना दिखने में जितना लजीज होता है उतना ही सेहत को नुकसान पहुंचाता है.

आज भी बहुत से लोग अनजान हैं कि कैसे धोने चाहिए हाथ, जाने हाथ धोने का सही तरीका


बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि खाना हमेशा हाथ धोकर ही खाना चाहिए. हाथ धोकर खाना खाना ना केवल तहजीब की निशानी है, बल्कि यह एक अच्छी आदत है जिसकी बदौलत हम बीमारियों से बच सकते हैं. हाथों के जरिए कीटाणु हमारे शरीर में जाते हैं और हमें बीमार कर देते हैं. इसीलिए हाथ धोना बहुत ही जरूरी होता है. बहुत से लोग खाना खाने से पहले हाथ तो होते हैं, लेकिन उन्हें हाथ धोने का सही तरीका ही पता नहीं होता. हाथ धोने का सही तरीका जानना बहुत ही जरूरी है. हर व्यक्ति को कम से कम 20 सेकंड अपने हाथ धोने चाहिए.

हाथों को गीला करें


आप सबसे पहले सामान्य पानी से हाथों को गीला करें. आप चाहे तो गुनगुने पानी से भी हाथ धो सकते हैं. इससे ज्यादातर कीटाणु मर जाते हैं. ज्यादा गर्म पानी का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

साबुन या लिक्विड हैंड वॉश ले


हाथों को गीला करने के बाद साबुन या हैंड वॉश का इस्तेमाल करें. हाथों को अच्छे से धोना चाहिए और 20 सेकंड तक हाथों को धोना चाहिए.

अच्छे से रगड़े

साबुन या हैंडवॉश लगाकर हाथों को अच्छी तरह से रगड़ना चाहिए. इससे हाथों में मौजूद कीटाणु मर जाते हैं.

साफ कपड़े से पौंछे


हाथों को धोने के बाद आपको अपने हाथों को साफ कपड़ों से पौंछना चाहिए. अगर गंदे कपड़े से आप हाथ पौंछते हैं तो हाथ धोने का कोई फायदा नहीं रहता, क्योंकि गीले हाथों में कीटाणु चिपक जाते हैं.

ध्यान रखें यह बातें

शौचालय के दरवाजे के हैंडल पर सबसे ज्यादा मात्रा में कीटाणु होते हैं. इसीलिए हाथ धोने के बाद कभी भी इन्हें नहीं छूना चाहिए. इससे वहां मौजूद कीटाणु आपके हाथों पर चिपक जाते हैं और इससे आपको कोई फायदा नहीं होगा.

डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है शकरकंद, ब्लड शुगर को करता है कंट्रोल

डायबिटीज के मरीजों को खानपान में बहुत ध्यान देना पड़ता है. थोड़ी सी लापरवाही से मरीज की जिंदगी पर खतरा मंडरा सकता है. डायबिटीज रोगियों को आलू खाने से भी परहेज करना पड़ता है, क्योंकि आलू में ग्लाईसैमिक इंडेक्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. इससे हमारे शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है. लेकिन डायबिटीज के रोगियों को शकरकंद का सेवन करने से तरह-तरह के फायदे होते हैं. शकरकंद को स्वीट पटेटो भी कहा जाता है, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है.

शकरकंद में होता है फाइबर


शकरकंद में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. शकरकंद में विटामिन ए, विटामिन सी और जिंक जैसे एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें विटामिन बी, पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन की भी भरपूर मात्रा होती है.

ब्लड शुगर को रखता है कंट्रोल


अगर आप डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित हैं तो आप शकरकंद का सेवन करना शुरू करें. यह आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. इसमें कैरिटीनॉइड तत्व पाया जाता है.

ब्लड सेल्स का करता है निर्माण


शकरकंद में आयरन भरपूर मात्रा में होता है और इसका सेवन करने से हमारे शरीर में आयरन की पूर्ति होती है, जिससे नए-नए ब्लड सेल्स का निर्माण होता है.

सर्दियों में फायदेमंद

सर्दियों में शकरकंद का सेवन बहुत ही फायदेमंद रहता है. यह शरीर को गर्म रखने में मदद करता है और इसमें बहुत सारे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं.